चौघड़िया क्या होता है? जानिए 7 प्रकार के चौघड़िया और शुभ मुहूर्त देखने का सही तरीका
भारतीय वैदिक ज्योतिष में किसी भी नए या मांगलिक कार्य की शुरुआत के लिए सही समय और मुहूर्त देखना बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। दैनिक जीवन में जब हमारे पास किसी ज्योतिषी से विस्तृत मुहूर्त निकलवाने का समय नहीं होता, तब चौघड़िया (Choghadiya) सबसे सरल और सटीक उपाय बनता है।
चौघड़िया का क्या अर्थ है?
'चौघड़िया' शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है—'चौ' यानी चार और 'घड़ी' यानी समय का एक हिस्सा। प्राचीन काल में 1 घड़ी लगभग 24 मिनट की होती थी, और 4 घड़ी मिलकर लगभग 96 मिनट (लगभग 1.5 घंटा) बनती है। सूर्योदय से सूर्यास्त (दिन) और सूर्यास्त से अगले दिन के सूर्योदय (रात) को 8-8 बराबर हिस्सों में बांटा जाता है, जिसे चौघड़िया मुहूर्त कहा जाता है।
7 प्रकार के चौघड़िया और उनके फल
दिन और रात के 24 घंटों में कुल 7 प्रकार के चौघड़िया बार-बार आते हैं। इनमें से 4 चौघड़िया शुभ और 3 अशुभ माने जाते हैं:
1. अमृत (अति शुभ): यह सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त माना जाता है। अमृत चौघड़िया में पूजा-पाठ, नए कार्य की शुरुआत, वाहन खरीदारी या गृह प्रवेश जैसे सभी मांगलिक कार्य सिद्ध होते हैं।
2. शुभ (उत्तम): यह मुहूर्त धार्मिक कार्यों, विवाह चर्चा, शिक्षा की शुरुआत और नए अनुबंध (Deals) करने के लिए अत्यंत फलदायी होता है।
3. लाभ (फायदेमंद): लाभ चौघड़िया धन लाभ और व्यापारिक उन्नति से जुड़े कार्यों के लिए उत्तम है। नई दुकान खोलना, बहीखाता शुरू करना या खरीदारी करना इसमें शुभ रहता है।
4. चर (सामान्य शुभ): 'चर' का अर्थ है गतिमान। यात्रा पर जाने, वाहन चलाने या किसी स्थान परिवर्तन वाले कार्यों के लिए यह मुहूर्त अनुकूल माना जाता है।
5. काल (अशुभ): काल चौघड़िया के स्वामी शनि देव माने जाते हैं। इस समय में किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत करने से नुकसान या असफलता का भय रहता है।
6. रोग (अशुभ): इसके स्वामी मंगल ग्रह हैं। रोग चौघड़िया में कोई भी महत्वपूर्ण लेन-देन या नया काम शुरू नहीं करना चाहिए, इससे रुकावटें आती हैं।
7. उद्वेग (अशुभ): उद्वेग चौघड़िया के स्वामी सूर्य देव हैं। यह समय मानसिक तनाव और चिंता पैदा कर सकता है, इसलिए इस दौरान सरकारी या बड़े वित्तीय फैसलों से बचना चाहिए।
दैनिक जीवन में चौघड़िया का उपयोग कैसे करें?
- जब भी आपको कोई नया व्यापार शुरू करना हो, यात्रा करनी हो, वाहन खरीदना हो या कोई शुभ संकल्प लेना हो, तो अमृत, शुभ या लाभ चौघड़िया का चयन करें।
- यात्रा या ट्रांसपोर्ट से जुड़े कार्यों के लिए चर चौघड़िया भी उपयोगी होता है।
- रोग, काल और उद्वेग समय में नए और जोखिम भरे कामों को टालना ही बेहतर माना गया है।

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